Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’

Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank'

Minister

          डॉ0 रमेश पोखरियाल 'निशंक' भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सदस्य एवं एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं।1991 में वे प्रथम बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए कर्णप्रयाग निर्वाचन-क्षेत्र से चुने गए थे। इसके बाद 1993 और 1996 में पुनः उसी निर्वाचन-क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। 1997 में वे उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के उत्तरांचल विकास मंत्री बने और फिर संस्कृति पूर्त एवम्‌ धर्मस्व मंत्री रहे तथा 2009 से 2011 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। तत्पश्चात पृथक उत्तराखंड राज्य के गठन पर प्रदेश के पहले वित्त, राजस्व एवम्‌ कर मंत्री रहे।

 

  • सन् 1991, 1993,1996 में कर्णप्रयाग क्षेत्र से लगातार तीन बार उत्तर प्रदेश की विधान सभा के सदस्य निर्वाचित।
  • सन् 1997 में पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री (उत्तरांचल विकास विभाग)1998 में उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री।
  • सन् 2000 में उत्तराखण्ड सरकार में वित्त, ग्राम्य विकास, चिकित्सा सहित 12 विभागों के कैबिनेट मंत्री।
  • मार्च 2007 से जून 2009 तक उत्तराखण्ड सरकार में चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा भाषा विभाग के कैबिनेट मंत्री।
  • 2011 से 2013 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
  • 2012 में डोईवाला विधान सभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित।

 

स्पर्श गंगा अभियान की शुरूवात

निशंक द्वारा गंगा नदी की स्वछता तथा गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लियेए स्पर्श गंगा अभियान की शुरुवात की | 2010 मे हरिद्वार मे कुम्भ मेले के आयोजन में मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि राज्य सरकार गंगा की स्वच्छता और निर्मलता को बनाये रखने के लिए वचनबद्घ है। उन्होंने कहा कि स्पर्श गंगा अभियान के तहत लिए गए संकल्प का हम सभी को ईमानदारी से पालन करना होगा, तभी गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाया जा सकता है।

गंगा सफाई को बढ़ावा देने के लिए, उन्होंने 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन की घोषणा की और ऐतिहासिक घटना बनाने के लिए उन्होंने गंगा सफाई दिवस के रूप में 17 दिसंबर को मनाने की घोषणा की।

 

अटल खद्यान योजना की शुरुवात

निशंक द्वारा राज्य में गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) और गरीबी रेखा के ऊपर (एपीएल) परिवारों के लिए 'अटल खद्यान योजना' की शुरुवात जिसका लाभ उत्तराखंड के 30 लाख गरीब लोगों को मिला | इस योजना के तहत, बीपीएल और एपीएल परिवार क्रमशः 2 और 3 तथा 4 और 6 रूपए प्रति किलो के न्यूनतम मूल्य पर गेहूं और चावल खरीद सकते हैं।

 

108 आपातकालीन सुविधा की शुरुवात

उत्तराखंड में मई 2008 से निशंक द्वारा शुरू हुई जी. वी. के. ई. एम. आर. आई. के जरिये संचालित 108 एंबुलेंस सेवा ने अब तक 11 लाख लोगों को आपातकालीन सहायता देने का आंकड़ा पार कर लिया। इसके साथ ही 108 से अभी तक प्रदेश में 28300 लोगों को जीवनदान मिल चुका है। जी. वी. के.  ई.एम.आर.आई. 108 आपातकालीन सेवा ने 11 लाख से अधिक आपातकालीन मामलों में पीड़ितों को सहायता प्रदान कर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया।

          आज, 108 सर्वश्रेष्ठ श्रेणी के आपातकालीन सेवा के साथ पर्याय बन गया है और इसे अपनी श्रेणी में सबसे कुशल, शीघ्र, विश्वसनीय और देखभाल सेवा प्रदाता के रूप में स्वीकार किया गया है।