Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’

Dr. Ramesh Pokhriyal 'Nishank'

Next

09/09/2020 - 'हिमालय- दिवस'

पवित्र भारत-भूमि के मुकुट एवं प्रहरी हिमालय के समग्र विकास हेतु हम कृत-संकल्पित हैं। आज वेबीनार के माध्यम से 'हिमालय- दिवस' के आयोजन पर हमारे माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू जी, मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री जितेंद्र सिंह जी, श्री अनुराग ठाकुर जी, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ श्री बिपिन रावत जी एवं एनएसए प्रमुख श्री अजीत डोभाल जी, प्रोफेसर विजय राघवन प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर भारत सरकार सहित मेरे साथ अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने शिरकत कर आयोजन की श्री-वृद्धि की ।

हिमालय की पारिस्थितिकी से जुड़े सभी हित धारकों की आशाओं एवं अपेक्षाओं को साथ लेकर तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप योजना-सृजन के माध्यम से हम सतत विकास की दिशा में अग्रसर हैं। 'हिमालय- दिवस' उसी विकासोन्मुखी सोच और समग्र प्रयास का एक हिस्सा है।

ज्ञान-विज्ञान, साहित्य-संगीत, योग-आयुर्वेद, धर्म-अध्यात्म और साधना के महत्वपूर्ण केंद्र हिमालय के समग्र विकास हेतु सकारात्मक पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध करवाकर जन-भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु 'हिमालय- दिवस' पर हम कृत-संकल्पित है।

संपूर्ण हिमालय क्षेत्र में समानता आधारित समावेशी विकास को बढ़ावा देने, व्यक्तिगत और संस्थागत क्षमता विकास करने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित नीति और अभ्यास के बीच इंटरफेस बढ़ाने में 'हिमालय- दिवस' महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

'हिमालय-दिवस' के अवसर पर मैं हिमालय से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों, लोक कलाकारों, शिक्षाविदों एवं स्वयंसेवी संगठनों से आह्वान करता हूं कि आप सभी एक मंच पर आकर हिमालय के समग्र विकास पर चिंतन करें, नई रणनीतियां सृजित करें और उनके सफल क्रियान्वयन हेतु मॉडल का विकास करें।